♦Laharnews.com Correspondent♦
रांची: राष्ट्रपति चुनाव को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) धर्मसंकट में है। लिहाजा यूपीए गठबंधन में शामिल और कांग्रेस के साथ मिलकर झारखंड में सरकार चला रही झारखंड मुक्ति मोर्चा की दुविधा राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अभी भी बरकरार है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति चुनाव में पार्टी के रुख पर अंतिम फैसला करने से पहले सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से भी मुलाकात की। बताया जा रहा है कि शाह और खड़गे से मुलाकात के दौरान हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति चुनाव को लेकर चर्चा की।
अब बीजेपी और कांग्रेस समेत तमाम विरोधी दलों को झारखंड मुक्ति मोर्चा ;जेएमएमद्ध के आधिकारिक रुख का इंतजार है कि वह राष्ट्रपति चुनाव में किसे समर्थन देने का फैसला करता है। एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को जो आदिवासी महिला हैं और ओडिशा से की हैं और झारखंड की राज्यपाल भी रह चुकी विपक्षी दलों के संयुक्त उम्मीदवार यशवंत सिन्हा कोए जो झारखंड से लोकसभा सांसद रह चुके हैं और जिनके चयन में जेएमएम की भी सहमति रही है।
राष्ट्रपति चुनाव: धर्मसंकट में झामुमो, भाजपा व कांग्रेस कर रही आधिकारिक रूख का इंतजार
