♦Laharnews.com Correspondent♦
लोहरदगाः झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के केन्द्रीय कार्यकारी अध्यक्ष राजू महतो ने बुधवार को नगर भवन में झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा लोहरदगा जिला समिति के तत्वावधान में आयोजित बैठक में बतौर मुख्य अतिथि कहा- झारखंड सरकार आंदोलनकारियों के धैर्य की परीक्षा न लें, अन्यथा पुनः उलगुलान होगा। उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों की पहचान आंदोलनकारियों के जरिये ही किया जाना चाहिए। झारखंड आंदोलनकारियों के त्याग और कुर्बानी के बल पर राज्य बना। यहां की सरकार को राज्य गठन के उद्देश्य और राज्य मूल निवासियों के अनुसार नीतियां बना कर कार्य करनी चाहिए। परन्तु विकास के नाम पर झारखंड के आदिवासी मूलवासियों को उजाड़ा जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान सरकार के खिलाफ भी रणनीति बनाने की जरूरत है। इसके लिए झारखंड के तमाम सामाजिक संगठनों के साथ समन्वय बनाकर एक और उलगुलान किया जाए। यह विडंबना ही है कि राज्य के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले झारखंड आंदोलनकारी अपनी पहचान, मान-सम्मान पाने के लिए वर्षों से 11 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन अब तक सरकार द्वारा कोई भी सकारात्मक कार्य नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि आगामी 08, 09 एवं 10 नवंबर को मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका के समक्ष झारखंड आंदोलनकारियों के मान-सम्मान एवं अधिकार के सवालों को लेकर सत्याग्रह किया जाएगा।
राज्य स्थापना दिवस पर 15 नवंबर को झारखंड आंदोलनकारी राजधानी रांची में अपनी गिरफ्तारी देंगे। बैठक को संबोधित करते हुए प्रो विनोद भगत ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों, आदिवासी-मूलनासियों के लिए सरकार सकारात्मक कार्य नहीं करती है, तो सत्ता का विकल्प तैयार करने की दिशा में भी ठोस पहल करने से गुरेज नहीं करेंगे। सरकार को चाहिए कि आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा से अविलंब वार्ता करे और आंदोलनकारियों की मांगों पर सकारात्मक पहल करें। केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष अश्विनी कुजूर ने कहा कि हुए कहा कि आगामी 08, 09 एवं 10 नवंबर को रांची के मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका के समीप आयोजित तीन दिवसीय सत्याग्रह को सफल बनाने के लिए एक-एक साथी अभी से ही तैयारियों में जुट जाएं। बैठक को संबोधित करने वालों में केन्द्रीय कमिटी के सचिव किशोर किस्कू, कयूम खान, प्रदीप राणा, विनिता खलखो, एरेन कच्छप, जिला सचिव विशेषण भगत, बालोमनी बाखला, डॉ. अजय शाहदेव, आदि शामिल थे। बैठक की अध्यक्षता कार्यकारी जिला अध्यक्ष अमर किन्डो ने किया जबकि मंच संचालन अनिल कुमार भगत ने की। मौके पर पार्षद हाजी अलीम कुरैशी, पार्षद मनीर अंसारी, महासचिव शाहिद अहमद, प्रमिला देवी, भरत गोप, दशरथ उरांव, चौतू मुंडा, रंथू उरांव, रूस्तम खान, इसरार अहमद सहित सहित कई लोग मौजूद थे। बैठक में सभी ने एक स्वर में सत्याग्रह कार्यक्रम को सफल बनाने शपथ लिया। अगली बैठक 7 दिसंबर को होगी।
झारखंड आंदोलनकारी एक और उलगुलान के लिए रहें तैयार: राजू महतो
