♦Laharnews.com Correspondent♦
रांची: झारखंड आंदोलनकारियों के अधिकार एवं सम्मान के सवाल पर झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा केन्द्रीय कमेटी की बैठक शनिवार को केन्द्रीय कार्यकारी अध्यक्ष राजू महतो की अध्यक्षता में पुराने विधानसभा स्थित विधायक क्लब हॉल में हुई। बैठक में पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा बतौर मुख्यअतिथि मौजूद थे। बैठक में मुख्य रूप वरीय उपाध्यक्ष अश्विनी कुजूर, सचिव कयूम खान, सचिव भुवनेश्वर केवट, वित्त सचिव प्रेम मित्तल, केन्द्रीय सचिव किशोर किस्कू, भुनेश्वर केवट, भरत गोप, धनबाद जिला संयोजक गोपाल रवानी, प्रफुल्ल तत्वा, डीएन राम, सीताराम महतो, धनबाद जिला अध्यक्ष शिवशंकर शर्मा, पश्चिम सिंहभूम अध्यक्ष आसमान सूंडी, सदस्य विनिता खलखो, जहांआरा बेगम, सीता उरांव, रूपलाल महतो, योगेश भगत, इसरार अहमद, विद्याधर महतो, बालकृष्णा रजवार ने प्रस्तावों पर अपने विचार रखे। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 08, 09 एवं 10 नवंबर को मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका के समक्ष झारखंड आंदोलनकारियों के मान-सम्मान एवं अधिकार के सवालों को लेकर सत्याग्रह किया जाएगा।
इस बीच मांगों पर सरकार की ओर से कदम नहीं उठाये जाने पर 15 नवंबर को झारखंड आंदोलनकारी अपनी गिरफ्तारी देंगे। बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों की पहचान आंदोलनकारियों के जरिए ही किया जाना चाहिए। पूर्व विधायक बोबोंगा ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के त्याग और कुर्बानी के बल पर राज्य बना। उन्होंने कहा, सरकार यहां के मूल निवासियों के अनुसार नीति का निर्माण कर कार्य करे, लेकिन विकास के नाम पर झारखंड के आदिवासी मूलवासियों को उजाड़ा जा रहा है।
मंच का संचालन कयूम खान और धन्यवाद ज्ञापन बालकिशुन रजवार किया। बैठक में झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा केन्द्रीय कमिटी के पदाधिकारियों एवं धनबाद, लोहरदगा, रामगढ़, गिरिडीह, प. सिंहभूम, रांची, गुमला, बेड़ो सहित सभी जिलों के प्रतिनिधि शामिल थे।
मान-सम्मान के सवाल पर झारखंड आंदोलनकारी 8 नवंबर से करेंगे तीन दिवसीय सत्याग्रह
