♦Laharnews.com Correspondent♦
रांची: रांची विश्वविद्यालय के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा संकाय में संविधान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर समन्वयक डॉ हरि उराँव ने कहा कि संविधान दिवस के अवसर पर हमें न सिर्फ स्वतंत्र भारत का नागरिक होने का अहसास हो रहा है बल्कि संविधान में उल्लेखित मौलिक अधिकारों से सभी नागरिकों को अपना हक भी मिल रहा है। साथ ही लिखित मूल कर्तव्यों से हमें नागरिक के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों को भी याद दिलाता है।
मौलिक कर्तव्य और अधिकार दोनों अहम: डॉ यूएन तिवारी
नागपुरी विभाग के अध्यक्ष डॉ उमेश नन्द तिवारी ने कहा- संविधान की वजह से आजाद देश के आजाद नागरिक होने का हमें अहसास होता है। संविधान में दिये मौलिक कर्तव्य और मौलिक अधिकार दोनों हमारे लिए अहम हैं।
यह दिन बेहद खास है: डॉ किशोर सुरीन
डॉ किशोर सुरीन ने विद्यार्थियों को भारतीय संविधान का महत्व बताया और विद्यार्थियों को संविधान का पालन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हर साल 26 नवंबर का दिन बेहद खास होता है। दरअसल, यही वह दिन है जब देश की संविधान सभा ने मौजूदा संविधान को विधिवत रूप से अपनाया था।
संविधान का सभी करें पालन: करम मुंडा
करम सिंह मुण्डा ने कहा कि भारत एक धर्म निरपेक्ष राष्ट्र है। संविधान द्वारा नागरिकों को मौलिक अधिकार व कर्तव्य प्रदान किए गए हैं। भारतीय संविधान का सभी को पालन करना चाहिए।
इनकी थी मौजूदगी
मुण्डारी विभाग के प्राध्यापक मनय मुण्डा, डॉ सविता केसरी, डॉ बीरेन्द्र कुमार महतो, डॉ रीझू नायक, बीरेन्द्र कुमार सोय, रमाकांत महतो, डॉ मेरी एस सोरेंग ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किये. इस अवसर पर जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा संकाय के शिक्षकगण, शोधार्थी व छात्र छात्राएँ मौजूद थे।
रांची विवि के टीआरएल संकाय में मना संविधान दिवस, डॉ हरि उरांव ने कहा- मूल कर्तव्य हमें जिम्मेदारियों का अहसास कराते हैं
